इमटेक और आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन बैक्टीरियल इंफेक्शंस, कोलकाता के वैज्ञानिकों की ओर से किए गए अध्ययन में सामने आया कि मानव आंत में पाया जाने वाला पैराकोकस एमिनोवोरन्स बैक्टीरिया, हैजा के कारक विब्रियो कोलेरा को पनपने में मदद करता है।
हैजा का नाम आते ही भारी एंटीबायोटिक, लंबे इलाज और दवाओं के साइड इफेक्ट की चिंता सताने लगती है लेकिन अब इस गंभीर बीमारी के इलाज को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी (इमटेक) चंडीगढ़ के वैज्ञानिकों ने अपनी नई रिसर्च में पाया है कि हैजा से लड़ाई केवल ताकतवर एंटीबायोटिक तक सीमित नहीं रहेगी। पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया और आम तौर पर इस्तेमाल होने वाला विटामिन सी मिलकर हैजा फैलाने वाले बैक्टीरिया को कमजोर कर सकते हैं। इससे भविष्य में इलाज ज्यादा सुरक्षित, किफायती और शरीर के लिए कम नुकसानदेह हो सकता है।
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वैज्ञानिकों की बड़ी खोज: हैजा के इलाज में नई उम्मीद, प्रोबायोटिक व पोषक तत्वों से कमजोर पड़ेगा बैक्टीरिया !

